जादुई आइसक्रीम – Megical Icecream Hindi Moral Story

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रामपुर नामक एक गांव में भीमा नाम का आइसक्रीम वाला रहता था वह अपना गुजारा करने के लिए ठेले से गांव में जाकर आइसक्रीम बेचता था गांव के सभी बच्चे और बड़े उसी से आइसक्रीम खरीद कर कहते थे पर वह पैसो की कमी की वजह से ज्यादा आइसक्रीम नहीं बेच पता था।

Hindi Moral Story-जादुई आइसक्रीम
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एक दिन भीमा जब आइसक्रीम बेच कर अपने घर जा रहा था तो रस्ते में उससे एक साधु मिला जो की बहुत भूखा था भीमा ने उससे पूछा “क्या हुआ साधु बाबा आप बहुत दुखी लग रहे हो” तभी साधु बोलै “बीटा में बहुत ही भूखा हु आज कुछ खाने को मिला ही नहीं” भीमा के पास एक आइसक्रीम बची हुयी थी जो उसने साधु को देदी जिसे खा कर सहदु बहुत ही प्रशसन होगया और बोलै “में तुमसे बहुत ही प्रसन हु तुमने बिना किसी लालच के मुझ आइसक्रीम खिला दी” “मानगो क्या मांगना चाहते हो” तभी भीमा बोलै -“बाबा में चाहता हु की मेरी आइसक्रीम कभी ख़तम न हो में जब भी अपने ठेले से आइसक्रीम निकालू अपने आप ही भर जाया करे” तभी  साधु बोलै-“ठीक है परन्तु जब भी कोई गरीब व्यक्ति तुमसे आइसक्रीम मांगे तो तुम्हे उसे मुफ्त में आइसक्रीम देनी होगी” भीमा-“मुझे मंजूर है साधु बाबा” तब साधु बाबा ने उसे वरदान दे दिया “तथास्तु”

उसी समय भीमा का आइसक्रीम का ठेला आइसक्रीम से भर गया जिसे देख कर भीमा बहुत ही खुस होजाता है।

और वह जब आइसक्रीम के ठेले से आइसक्रीम निकलता है तो वे अपने आप ही भर जाती है और वह रोज अब बहुत साडी आइसक्रीम बेच लेता है और जो आइसक्रीम नहीं खरीद सकते उन्हें मुफ्त में बाँट देता है।

वह रोज ऐसी तरह आइसक्रीम बेचता और ठेला अपने आप आइसक्रीम से भर जाता कुछ ही दिनों में वह बहुत धनवान होगया उसने अपना नया और बड़ा घर खरीद लिया अधिक पैसा आने की वजह से वह बहुत घमंडी होगया था अब वह किसी को भी आइसक्रीम फ्री में नहीं देता था एक दिन उसके पास एक भिखारी आया ।

Hindi Moral Story-जादुई आइसक्रीम

भिखारी-साहब एक आइसक्रीम देदो सुबह से भूखा हु ।

भीमा-चल हट भिखारी कही और जाकर भीख मांग चला जा यहां से ।

इस तरह भीमा किसी भी गरीब को मुफ्त में आइसक्रीम नहीं दे रहा था कुछ महीनो बाद व्ही साधु जिसने भीमा को वरदान दिया था अपना भेस बदल कर भीमा के पास परीक्षा लेने आया-“साहब जी एक आइसक्रीम देदो बहुत दिनों से कुछ भी नहीं खाया बहुत भूख लगी हे” ।

भीमा-“चल हट यहां से में क्या यहां पर मुफ्त में आइसक्रीम बेचने आया हु”

तभी साधु ने अपना असली रूप लेलिया और गुस्से में बोले -“मेने तुम्हे गरीबो को आइसक्रीम फ्री में बाँटने को बोलै था और तुम घमंडी होगये”

भीमा-“मुझे माफ़ करदिजिये साधु बाबा”

पर साधु बाबा ने उसकी एक न सुनी और अपना वरदान वापस लेलिया भीमा इस बात से बहुत दुखी होगया और धीरे धीरे उसका सारा धन ख़तम होने लगा

इस कहानी से यह सीख्शा मिलती है की हमे कभी भी घंड नहीं करना चाहिए इससे हमे बाद में पछताना ही पड़ता है।।

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